• 2016 में आपदा प्रबंधन पर बनी थी ऐतिहासिक ‘उदयपुर डिक्लेरेशन’, अब 8 अगस्त को फिर जुटेंगे 15 देशों के प्रतिनिधि
• सहयोग, नवाचार और वैश्विक चुनौतियों पर मंथन, उदयपुर बनेगा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का केंद्र
जीवीआई नेटवर्क। झीलों की नगरी उदयपुर एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का अहम केंद्र बनने जा रही है। 10 साल बाद ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन की महत्वपूर्ण बैठक फिर उदयपुर में आयोजित होगी। वर्ष 2016 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान यहीं आयोजित आपदा प्रबंधन मंत्रियों की बैठक में ऐतिहासिक ‘उदयपुर डिक्लेरेशन’ (Udaipur Declaration) को अपनाया गया था। अब भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 8 अगस्त को उदयपुर में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में 15 देशों के प्रतिनिधि वैश्विक सहयोग और समकालीन चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
2016 में बना था ‘उदयपुर डिक्लेरेशन’, उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने किया

22 और 23 अगस्त 2016 को उदयपुर में ब्रिक्स देशों के आपदा प्रबंधन मंत्रियों की दूसरी बैठक आयोजित हुई थी। इसमें तत्कालीन पांच सदस्य देशों—ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए थे। बैठक का उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने किया था। इसमें आपदा प्रबंधन और गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था।
जॉइंट टास्क फोर्स बनाने का हुआ था फैसला
बैठक का मुख्य फोकस बाढ़ जोखिम प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं और चरम मौसम की सटीक पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करना था। इसके अलावा शहरी आपदाओं से निपटने, तकनीकी सहयोग, सूचना साझा करने और संयुक्त प्रशिक्षण पर भी सहमति बनी।बैठक का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम ‘उदयपुर डिक्लेरेशन’ रहा। इसके तहत ब्रिक्स देशों ने संयुक्त आपदा जोखिम प्रबंधन कार्यबल (Joint Task Force) के गठन का निर्णय लिया। साथ ही वर्ष 2016-18 की संयुक्त कार्ययोजना को मंजूरी दी गई और आपदाओं से निपटने के लिए ज्ञान, तकनीक तथा संसाधनों के आदान-प्रदान पर सहमति बनी।
2026 में क्या रहेगा मुख्य एजेंडा?
भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता का प्रमुख फोकस सहयोग, नवाचार, सतत विकास, शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, स्टार्टअप और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना है। विभिन्न मंत्रीस्तरीय बैठकों में इन विषयों पर साझा रणनीति तैयार की जा रही है, जिसे सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रखा जाएगा।
8 अगस्त को होगी मुख्य बैठक, प्रतिनिधि पहुंचे

इस बार उदयपुर में आयोजित बैठक में भारत सहित ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के करीब 15 देशों के वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक और प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुख भाग लेंगे। प्रतिनिधियों का आगमन 7 अगस्त से शुरू हुआ। शुक्रवार को इंडोनेशिया, चीन, इथियोपिया, रूस और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि उदयपुर पहुंचे, जहां महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक तरीके से तिलक, साफा, माला और राजस्थानी लोक संस्कृति के साथ स्वागत पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने किया। 8 अगस्त को मुख्य सम्मेलन आयोजित होगा, जबकि 9 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल रवाना होगा।
मेहमानों को दिखेगी उदयपुर की विरासत
सम्मेलन के साथ विदेशी प्रतिनिधियों के लिए शहर भ्रमण का विशेष कार्यक्रम भी तैयार किया गया है। प्रतिनिधिमंडल सिटी पैलेस, जगमंदिर, मानसून पैलेस (सज्जनगढ़) और फतहसागर झील का भ्रमण करेगा। वर्ष 2023 में जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद उदयपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। सितंबर में भारत में प्रस्तावित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है।