90 सेकंड की वीडियो बनाकर जुड़ें ‘India Against Cybercrime Movement’ से, @CyberDost को टैग करना जरूरीजीवीआई नेटवर्क। अगर आप भी रील, वीडियो, शॉटर्स बनाने में दिलचस्पी रखते हैं और किसी भी तरह का कॉन्टेंट क्रिएट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का शौक रखते हैं तो अब आप देश से साइबर क्राइम को खत्म करने के अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। दरअसल, डिजिटल दुनिया में बढ़ते धोखाधड़ी के जाल को तोड़ने के लिए गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने ‘नेशनल मिशन अगेंस्ट साइबर फ्रॉड–क्रिएटर चैलेंज’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत देशभर के क्रिएटर्स, छात्र और आम नागरिक 90 सेकंड तक के वर्टिकल वीडियो (रील्स) बनाकर साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैला सकते हैं।
साइबर धोखाधड़ी के नए-नए तरीकों के प्रति जागरूक करना

पहले 16 अप्रैल तक निर्धारित इस प्रतियोगिता की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 18 मई कर दी गई है। यानी अब भी समय है—एक रचनात्मक सोच और जिम्मेदार संदेश के साथ इस अभियान का हिस्सा बनने का। इस पहल का मकसद साफ है—लोगों को साइबर धोखाधड़ी के नए-नए तरीकों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देना। डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, केवायसी स्कैम और सेक्सटॉर्शन जैसे गंभीर विषयों पर सरल और प्रभावी वीडियो बनाकर लोगों तक संदेश पहुंचाना इस अभियान का केंद्र है।
ऐसे लें हिस्सा
प्रतिभागी अपने वीडियो इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स या यू—ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर रीयल लाइफ के साइबर फ्रॉड्स को स्टोरीज में यानी 90 सेकंड की रील और शॉर्ट वीडियोज के रूप में पोस्ट कर सकते हैं। रील्स या वीडियो के साथ @CyberDost को टैग करना और #CreatorsAgainstCyberCrime हैशटैग का उपयोग अनिवार्य है, ताकि संदेश व्यापक स्तर पर पहुंच सके। I4C देश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम से काम करता है। लेकिन केवल सरकारी प्रयास ही काफी नहीं—जब तक आम नागरिक जागरूक नहीं होंगे, तब तक यह लड़ाई अधूरी रहेगी। ऐसा करने पर देश के युवाओं को ना सिर्फ नेशनल रिकग्निशन मिलेगा बल्कि उनकी इस जागरूकता फैलानी वाली रील किसी के भी काम आ सकती है और उनकी जान या मेहनत की कमाई खोने से बचाई जा सकती है।