जीवीआई नेटवर्क। एक छात्र के लिए पुरानी हो चुकी किताब दूसरे विद्यार्थी की पढ़ाई के लिए बेहद जरूरी हो सकती है। इसी सोच को उदयपुर की छात्रा गुनगुन पंवार ने एक स्टार्टअप के रूप में बदल दिया। राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में बीसीए पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहीं गुनगुन ने मार्च में ‘Book Lo’ Startup की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य छात्रों को कम कीमत पर किताबें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उन किताबों को दोबारा उपयोग में लाना है, जो पढ़ाई पूरी होने के बाद घरों में बेकार पड़ी रहती हैं।
महंगी किताबों से निकला Startup का आइडिया

मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली गुनगुन ने अपने पिता को केबल ऑपरेटर और टैक्सी व्यवसाय में लगातार मेहनत करते देखा है। उनका कहना है कि परिवार की मेहनत और संघर्ष ने उन्हें भी अपने दम पर कुछ करने की प्रेरणा दी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने महसूस किया कि विद्यार्थियों को हर सेमेस्टर किताबों, नोट्स और अन्य अध्ययन सामग्री पर काफी खर्च करना पड़ता है। दूसरी ओर, पढ़ाई पूरी होने के बाद यही किताबें लंबे समय तक घरों में पड़ी रहती हैं या कबाड़ में चली जाती हैं।
गुनगुन ने इसी समस्या में एक अवसर देखा। उनका विचार था कि अगर एक छात्र के पास ऐसी किताब है जिसकी अब उसे जरूरत नहीं है, तो वही किताब किसी दूसरे छात्र को कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा सकती है। इसी सोच से Book Lo की शुरुआत हुई।
सिर्फ किताबों की खरीद-बिक्री नहीं, Technology का भी इस्तेमाल
गुनगुन ने Book Lo को केवल पुरानी किताबें खरीदने और बेचने का प्लेटफॉर्म नहीं बनाया है। इसमें पढ़ाई से जुड़ी तकनीकी सुविधाओं को भी जोड़ने का प्रयास किया गया है। प्लेटफॉर्म में AI आधारित सुविधाओं और AI Detector जैसे टूल्स को शामिल किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री तैयार करने और तकनीक का बेहतर उपयोग करने में मदद मिल सके।
गुनगुन का कहना है कि भविष्य में Book Lo को केवल पुस्तक खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इसे छात्रों के लिए एक व्यापक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना है।
देशभर के Students को जोड़ने का सपना
गुनगुन का लक्ष्य Book Lo को ऐसा मंच बनाना है, जहां देशभर के विद्यार्थी आसानी से किताबें और अध्ययन सामग्री खरीद, बेच और साझा कर सकें। इसके जरिए एक ओर विद्यार्थियों का पढ़ाई पर होने वाला खर्च कम हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर पहले से उपलब्ध किताबों और अध्ययन संसाधनों का दोबारा उपयोग भी बढ़ेगा।
भविष्य में गुनगुन इसे Technology-based Student Community के रूप में विकसित करना चाहती हैं, जहां पढ़ाई, किताबों और डिजिटल संसाधनों के साथ विद्यार्थी एक-दूसरे से भी जुड़ सकें।
कॉलेज की पढ़ाई के साथ Startup की जिम्मेदारी संभाल रहीं गुनगुन की यह पहल बताती है कि किसी बड़े बिजनेस आइडिया की शुरुआत हमेशा बड़ी पूंजी से नहीं होती। कई बार रोजमर्रा की समस्या को अलग नजरिए से देखने और उसका समाधान तलाशने से भी एक नए Startup की नींव रखी जा सकती है।