karva chauth 2026 : करवा चौथ की खरीदारी के लिए सज गए बाजार, करवों से लेकर साड़ियों तक किन चीजों की बढ़ी डिमांड, जानिए
करवा चौथ 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पर्व से पहले बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मिट्टी के करवे 30 से 40 रुपये में मिल रहे हैं, वहीं महिलाएं मेहंदी, आभूषण और पारंपरिक परिधानों की खरीदारी में जुटी हैं।
GVI NETWORK. पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना का पर्व करवा चौथ इस बार 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पर्व से पहले ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। सुहागिन महिलाएं व्रत की तैयारियों के साथ मेहंदी, आभूषण, चूड़ियां, शृंगार सामग्री और पारंपरिक परिधानों की खरीदारी कर रही हैं। वहीं, कुम्हार और कारीगर मिट्टी के करवों को आकर्षक रूप देने में जुटे हैं।

मिट्टी के करवों पर पारंपरिक कलाकारी, कीमत 30 से 40 रुपये
करवा चौथ को देखते हुए कुम्हारवाड़ा क्षेत्र में मिट्टी के करवों को सजाने का काम तेज हो गया है। कारीगर करवों पर चूने से पारंपरिक चित्रकारी और आकर्षक डिजाइन बना रहे हैं। बाजार में मिट्टी के करवे लगभग 30 से 40 रुपये तक में उपलब्ध हैं। पूजा में उपयोग होने वाले इन करवों की खरीदारी पर्व की तैयारियों का अहम हिस्सा है।
मेहंदी, चूड़ियां और साड़ियों की खरीदारी में जुटीं महिलाएं
करवा चौथ नजदीक आने के साथ ही महिलाओं में खरीदारी का उत्साह बढ़ रहा है। महिलाएं मेहंदी के नए डिजाइन पसंद करने के साथ चूड़ियां, आभूषण और शृंगार सामग्री खरीद रही हैं। साड़ियों, सूट्स और पारंपरिक परिधानों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है।

सामूहिक आयोजनों में दिखेगी परंपरा की झलक
पर्व के अवसर पर श्रीमाली समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से सामूहिक आयोजन किए जाते हैं। इनमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर पूजा-अर्चना करती हैं, करवा चौथ की कथा सुनती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
सरगी से शुरू होगा व्रत, चांद देखकर खोलेंगी उपवास
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को मां पार्वती, भगवान गणेश और चौथ माता की पूजा कर कथा सुनी जाती है। रात में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना के साथ व्रत खोला जाता है।