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Thursday, September 24, 2026
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Ganeshotsav 2026: Bappa का ऐसा अनूठा शृंगार पहले नहीं देखा होगा, 2.51 करोड़ के नोटों से सजा दरबार, यहां करें दर्शन

Mannat Wale Raja Udaipur 2.51 crore note shringar

उदयपुर में मन्नत वाले राजा का 2.51 करोड़ रुपये के नोटों से अनूठा श्रृंगार किया गया। पिछले साल 1.55 करोड़ रुपये के नोटों से श्रृंगार हुआ था। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

जीवीआई नेटवर्क Ganeshotsav 2026 के अवसर पर उदयपुर में मन्नत वाले राजा का भव्य और अनूठा नोट शृंगार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बुधवार को बप्पा को 2 करोड़ 51 लाख रुपये के नोटों से सजाया गया। आयोजक मंडल के अनुसार पिछले वर्ष मन्नत वाले राजा का श्रृंगार 1 करोड़ 55 लाख रुपये के नोटों से किया गया था। नोटों से सजे बप्पा के इस विशेष शृंगार के दर्शन के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गणेशोत्सव के दौरान यह आयोजन श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना।

नोटों से सजे बप्पा के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब


Mannat Wale Raja

आयोजक विशाल जैन और नितेश साहू के अनुसार मन्नत वाले राजा के इस विशेष शृंगार को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आयोजक मंडल की ओर से दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

मन्नत वाले राजा के दरबार में बप्पा को नोटों से सजाया गया। इस अनूठे शृंगार ने गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

सूरजपोल से प्रवेश, लखारा चौक से निकासी

श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सूरजपोल से प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। यहां से श्रद्धालु निर्धारित मार्ग से होते हुए मंदिर परिसर और फिर मन्नत वाले राजा के पंडाल तक पहुंचे।

दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के लिए लखारा चौक की ओर से निकासी की व्यवस्था रखी गई। इससे दर्शन के लिए आने और बाहर जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को अलग रखा गया।

जूते-चप्पल सूरजपोल में रखने की अपील

आयोजक मंडल की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे अपने जूते-चप्पल सूरजपोल क्षेत्र में ही निर्धारित स्थान पर रखें। पंडाल तक पहुंचने के बाद वापस प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित मार्ग का पालन करने की अपील भी की गई।

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पिछले साल से बढ़ा नोट शृंगार का आंकड़ा

आयोजक मंडल के अनुसार पिछले वर्ष बप्पा का शृंगार 1.55 करोड़ रुपये के नोटों से किया गया था, जबकि इस वर्ष यह राशि बढ़कर 2.51 करोड़ रुपये बताई गई है। इस तरह इस साल के आयोजन में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 96 लाख रुपये अधिक के नोटों से श्रृंगार किए जाने का दावा किया गया है। आयोजक मंडल ने बड़ी संख्या में पहुंचकर बप्पा के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आभार जताया।

सूरजपोल से हिरणमगरी तक सजे गणपति पंडाल

शहर के प्रमुख क्षेत्रों के साथ सूरजपोल, धानमंडी, भोपालवाड़ी, अशोकनगर, भूपालपुरा, हिरणमगरी और गवरी चौक सहित कई इलाकों में गणपति पंडाल सजाए गए हैं। घरों और मोहल्लों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं के कारण शहर का माहौल लगातार भक्तिमय बना हुआ है। इसके अलावा बोहरा गणेशजी, मावा गणेश, पाला गणेश और जाड़ा गणेश मंदिरों में भी गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। बोहरा गणेशजी मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष स्वर्ण आंगी और स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया गया था।

आखिरी दो दिनों में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब

दस दिनों से शहर में गूंज रहे ढोल-नगाड़े और गणपति बप्पा मोरया के जयकारे अब अंतिम दो दिनों में और तेज होंगे। पंडालों में अंतिम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद 25 सितंबर को शोभायात्राओं और जयकारों के बीच बप्पा को अगले बरस जल्दी आने का निमंत्रण देते हुए विदाई दी जाएगी।


झीलों की जगह विसर्जन कुंडों में सांकेतिक विसर्जन

दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इस दिन शहर के विभिन्न पंडालों में अंतिम पूजा, आरती और भोग के बाद बप्पा को विदाई दी जाएगी। उदयपुर की पहचान झीलों से है और इसी वजह से गणेश विसर्जन के दौरान जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। पिछोला, फतहसागर सहित झीलों के आसपास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंडों में सांकेतिक विसर्जन किया जाएगा। इससे धार्मिक परंपरा भी निभेगी और झीलों को प्रत्यक्ष विसर्जन से होने वाले संभावित प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।
Madhulika Singh
Written by

Madhulika Singh

Madhulika Singh has been actively involved in journalism for nearly 21 years. She began her journalistic career with Udaipur-based evening daily Aprahan Times. Soon after, she was selected by Dainik Bhaskar and served with its Jodhpur edition for three years. She then joined Rajasthan Patrika in Udaipur, where she worked for nearly 17 years. Her long association with the organisation came to an end in 2025. Madhulika is now working as an independent journalist. She also contributes to Lakecity Update and Rajasthan Today, continuing her work in journalism with a focus on meaningful, credible and people-centric stories.

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