Teachers Day 2026: जिस स्कूल में कभी बिजली नहीं थी, वहां अब स्मार्ट टीवी से पढ़ रहे बच्चे, इस शिक्षक के प्रयासों से हुआ बदलाव
उदयपुर के चावड़ावास सरकारी स्कूल में कभी बिजली तक नहीं थी, आज स्मार्ट टीवी से पढ़ाई हो रही है। चेतन देवासी और ग्रामीणों ने मिलकर बदली स्कूल की तस्वीर जीवीआई नेटवर्क। शिक्षक दिवस के अवसर पर उदयपुर जिले
उदयपुर के चावड़ावास सरकारी स्कूल में कभी बिजली तक नहीं थी, आज स्मार्ट टीवी से पढ़ाई हो रही है। चेतन देवासी और ग्रामीणों ने मिलकर बदली स्कूल की तस्वीर
जीवीआई नेटवर्क। शिक्षक दिवस के अवसर पर उदयपुर जिले के एक शिक्षक की प्रेरक कहानी सामने आती है, जिसने यह साबित किया कि संकल्प मजबूत हो और लोग साथ खड़े हों तो सरकारी स्कूलों की तस्वीर भी बदली जा सकती है। उदयपुर जिले के सायरा ब्लॉक स्थित चावड़ावास राजकीय प्राथमिक विद्यालय के संस्था प्रधान चेतन देवासी ने गांव और प्रवासी परिवारों को साथ जोड़कर विद्यालय के विकास की नई मिसाल पेश की है।
कुम्भलगढ़ राष्ट्रीय अभयारण्य के निकट स्थित छोटे से गांव चावड़ावास में करीब 70 घर हैं। यहां बड़ी संख्या में परिवार प्रवासी हैं और विद्यालय में अधिकांश बच्चे आदिवासी परिवारों से आते हैं। एक समय ऐसा था जब विद्यालय में भवन के अलावा पर्याप्त भौतिक सुविधाएं नहीं थीं। बिजली कनेक्शन तक नहीं था और बच्चों को पानी पीने, हाथ धोने तक के लिए स्कूल परिसर के बाहर स्थित हैंडपंप तक जाना पड़ता था।

Chawadawas Government School: हैंडपंप से शुरू हुआ स्कूल बदलने का अभियान
चेतन देवासी ने विद्यालय की स्थिति बदलने का संकल्प लिया और गांव के लोगों तथा प्रवासी परिवारों से सहयोग की अपील की। शुरुआत हैंडपंप में मोटर लगाने की जरूरत से हुई, लेकिन धीरे-धीरे गांव का सहयोग बढ़ता चला गया। लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया। गांव स्तर पर एक समिति बनाई गई और विद्यालय विकास के कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।
Udaipur Government School: स्मार्ट टीवी, लैपटॉप और प्रोजेक्टर से बदली तस्वीर
आज चावड़ावास का राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहले की तुलना में काफी बदला हुआ नजर आता है। विद्यालय में बेहतर रंग-रोगन और चित्रकारी, फर्नीचर, पानी की व्यवस्था, भव्य प्रवेश द्वार, बगीचा और किचन गार्डन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालय में स्मार्ट टीवी, डीटीएच, लैपटॉप, प्रोजेक्टर, प्रिंटर-स्कैनर और साउंड सिस्टम जैसी डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
Navodaya School: चार बच्चों का हुआ नवोदय विद्यालय में चयन
चेतन देवासी की पहल केवल विद्यालय की इमारत और भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं रही। उन्होंने बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया। विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए नवोदय विद्यालय की अलग से तैयारी कराई गई।
इस प्रयास का परिणाम यह रहा कि पिछले सत्रों में चार बच्चों का नवोदय विद्यालय में चयन हुआ।
Teachers Day Special: ‘बदलाव का श्रेय पूरे गांव को’
चेतन देवासी इस बदलाव का श्रेय अकेले स्वयं को नहीं देते। उनके अनुसार विद्यालय में आया परिवर्तन गांव, प्रवासी परिवारों, भामाशाहों और विद्यालय परिवार के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। छोटे-छोटे योगदानों से शुरू हुई यह मुहिम एक बड़े बदलाव में बदल गई। गौरतलब है कि चेतन पूर्व में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं।