जीवीआई नेटवर्क। झीलों की नगरी उदयपुर इन दिनों गणपति बप्पा की भक्ति में रंगी हुई है। गणेश चतुर्थी के साथ ही शहर के अलग-अलग इलाकों में भव्य पंडाल सज गए हैं। घरों से लेकर प्रमुख चौराहों तक बप्पा की आकर्ष…
जीवीआई नेटवर्क। झीलों की नगरी उदयपुर इन दिनों गणपति बप्पा की भक्ति में रंगी हुई है। गणेश चतुर्थी के साथ ही शहर के अलग-अलग इलाकों में भव्य पंडाल सज गए हैं। घरों से लेकर प्रमुख चौराहों तक बप्पा की आकर्षक प्रतिमाएं विराजमान हैं और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। अगर आप इस गणेशोत्सव में उदयपुर की भक्ति, भव्यता और स्थानीय रंग को करीब से देखना चाहते हैं, तो शहर के इन चार प्रमुख गणपति पंडालों के दर्शन जरूर कर सकते हैं।
1. बापूबाजार का 'उदयपुर चा राजा', भव्यता देखने उमड़ते हैं श्रद्धालु
बापूबाजार स्थित 'उदयपुर चा राजा' गणेशोत्सव के दौरान शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहता है। श्री स्वास्तिक विनायक गणपति मंडल की ओर से स्थापित इस गणपति ने मुंबई के प्रसिद्ध गणपति उत्सव की भव्य परंपरा से अपनी अलग पहचान बनाई है।
यहां विशाल और आकर्षक प्रतिमा के साथ हर साल विशेष श्रृंगार और पंडाल सजावट देखने को मिलती है। वर्ष 2025 में यहां 1.51 करोड़ रुपये के नोटों से विशेष 'आंगी' सजाई गई थी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। 2026 में भी बापूबाजार का यह गणपति शहर के चर्चित गणेश पंडालों में शामिल है।
स्थान: बापूबाजार, उदयपुर
2. किशनपोल चा राजा, पुराने शहर में आस्था और उत्सव का संगम
उदयपुर के पुराने शहर में गणेशोत्सव की बात हो और किशनपोल चा राजा का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं। किशनपोल क्षेत्र में गणेशोत्सव के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं और युवाओं की भागीदारी से उत्सव का माहौल दिखाई देता है। यहां भव्य सजावट के साथ मोहल्ले की सामूहिक भागीदारी, आरती और स्थानीय आस्था उत्सव को खास बनाती है। गणेशोत्सव के ये स्थानीय आयोजन पुराने शहर की सामाजिक एकजुटता और धार्मिक परंपराओं की झलक भी दिखाते हैं।
स्थान: अश्विनी बाजार, किशनपोल, उदयपुर
3. सुथारवाड़ा
चा 'बाल गणेश', बच्चों और परिवारों के लिए खास आकर्षण
सुथारवाड़ा का बाल गणेश गणेशोत्सव के दौरान बच्चों और परिवारों के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है। 'बाल गणेश' नाम ही इस आयोजन की आत्मीय और पारिवारिक पहचान को दर्शाता है।
यहां गणपति दर्शन के साथ उत्सव का माहौल परिवारों और बच्चों को जोड़ता है। यही वजह है कि गणेशोत्सव यहां केवल पूजा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामुदायिक उत्सव का रूप लेता दिखाई देता है।
स्थान:
सुथारवाड़ा , उदयपुर
4. गवरी चौक
चा राजा, गणपति दर्शन के साथ मेवाड़ की संस्कृति की झलक
गवरी चौक का राजा भी गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है। 2026 के गणेशोत्सव में गवरी चौक सहित शहर के कई इलाकों में गणपति पंडाल सजाए गए हैं।गवरी नाम मेवाड़ की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा से भी जुड़ा है। मेवाड़ की पारंपरिक गवरी लोकनाट्य शैली क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में गवरी चौक में गणपति दर्शन उदयपुर के धार्मिक उत्सव के साथ स्थानीय संस्कृति की झलक भी दिखाता है।
स्थान: गवरी चौक, सेक्टर 13, उदयपुर , उदयपुर
5. ब्रह्मा, विष्णु और महेश के स्वरूप में "मन्नत वाले राजा"
इस बार अपने अनोखे और अद्भुत त्रिमूर्ति अवतार में विराजमान हुए हैं। भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के स्वरूप में सजाया गया है। बप्पा के इस दिव्य और आकर्षक रूप के दर्शन के लिए उदयपुरवासियों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है। मंडल के संचालक विशाल जैन ने बताया कि इस अनूठी प्रतिमा को तैयार करने में करीब चार माह की अथक मेहनत लगी है।
स्थान : धानमंडी हॉस्पिटल, सेन भवन के सामने
6. लालबाग चा राजा की तर्ज पर सजा "भोईवाड़ा चा राजा" का दरबार
भोईवाड़ा चा राजा के गणपति मुंबई के कलाकारों द्वारा तैयार 15 फीट की गणपति की प्रतिमा है। यहां नित्य आयोजन हो रहे हैं और दर्शनार्थियों की भीड़ लग रही है। अनंत चतुर्दशी से पूर्व 24 सितंबर को रात्रि जागरण होगा इस दिन सभी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजेता, नाटक कलाकार, मंडल के कार्यकर्त्ताओं को पुरस्कार दिया जाएगा व रात्रि 12 बजे भव्य आतिशबाजी के साथ महाआरती होगी। 25 सितंबर को चतुर्दशी पर बड़े ही धूम धाम व विशेष ढोल के साथ गणगौर घाट पर गणपति विसर्जन किया जाएगा।
स्थान : भोईवाड़ा स्थित राज माली समाज का नोहरा
7. कैलाशनगर चा राजा की झलक पाने उमड़ती है भीड़
उदयपुर के कैलाशनगर में कैलाशनगर चा राजा की स्थापना की गई है। ये 10 फीट उंची गणपति प्रतिमा है जिनका हर दिन अलौकिक शृंगार किया जाता है। यहां हर दिन आयोजन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है जो बप्पा से आशीर्वाद लेने और उनकी एक झलक के लिए उत्साहित रहती है। अगर आप भी इस भव्य गणपति के दर्शन करना चाहते हैं तो यहां जाना ना भूलें।
स्थान : आरएमवी रोड, कैलाश नगर