Anant Chaturdashi 2026 : थमेगी गणेशोत्सव की धूम, अगले बरस तू जल्दी आ के साथ होगी बप्पा की विदाई
Madhulika Singh September 24, 202610:49 pm38 views
जीवीआई नेटवर्क। दस दिनों तक गणपति बप्पा के जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति से गूंजता शहर अब गणेशोत्सव के अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। 25 सितंबर शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के साथ गणेशोत्सव का समापन होगा। …
जीवीआई नेटवर्क। दस दिनों तक गणपति बप्पा के जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति से गूंजता शहर अब गणेशोत्सव के अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। 25 सितंबर शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के साथ गणेशोत्सव का समापन होगा। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें भावपूर्ण विदाई देंगे।
गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ दस दिवसीय उत्सव अनंत चतुर्दशी पर अपने चरम पर पहुंचेगा। शहर के विभिन्न गणपति पंडालों में अंतिम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी और इसके बाद बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
24 सितंबर की रात से शुरू होगी चतुर्दशी तिथि
पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर गुरुवार की रात 11:17 बजे से शुरू होकर 25 सितंबर शुक्रवार की रात 11:08 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार अनंत चतुर्दशी का पर्व 25 सितंबर को मनाया जाएगा।
अनंत चतुर्दशी केवल गणेश विसर्जन का पर्व ही नहीं, बल्कि भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना का भी महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा कर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पवित्र धागा धारण करने की परंपरा निभाते हैं।
भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की होती है पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं और पूजा के दौरान अनंत सूत्र धारण करते हैं।
मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए इस व्रत से पुण्य और शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसी दिन गणपति बप्पा को भी अगले वर्ष फिर आने के निमंत्रण के साथ विदाई दी जाती है।
गणपति विसर्जन के शुभ मुहूर्त
पं. मनीष दिवाकर के अनुसार 25 सितंबर को गणपति विसर्जन के लिए ये शुभ समय रहेंगे—
चर चौघड़िया: सुबह 7:25 से 7:58 बजे तक
लाभ चौघड़िया: सुबह 9:28 से 10:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:54 से 12:42 बजे तक
शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:27 से 1:57 बजे तक
शाम का समय: शाम 4:56 बजे से सूर्यास्त तक विसर्जन के लिए शुभ रहेगा।
राहुकाल में विसर्जन से बचने की सलाह
25 सितंबर को राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्य करने से बचने की परंपरा है। श्रद्धालु राहुकाल को ध्यान में रखते हुए विसर्जन का समय तय कर सकते हैं।
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Written by
Madhulika Singh
Madhulika Singh has been actively involved in journalism for nearly 21 years. She began her journalistic career with Udaipur-based evening daily Aprahan Times. Soon after, she was selected by Dainik Bhaskar and served with its Jodhpur edition for three years.
She then joined Rajasthan Patrika in Udaipur, where she worked for nearly 17 years. Her long association with the organisation came to an end in 2025.
Madhulika is now working as an independent journalist. She also contributes to Lakecity Update and Rajasthan Today, continuing her work in journalism with a focus on meaningful, credible and people-centric stories.
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