Diwali 2026 पर मेवाड़ को बड़ी सौगात, Haldighati में बनेगी Maharana Pratap की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा
हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी। 168.39 करोड़ रुपए से बनने वाले महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट में चेतक पर सवार प्रतिमा, ऐतिहासिक संग्रहालय और हल्दीघाटी युद्ध पर आधारित अत्याधुनिक प्रोजेक्शन शो प्रमुख आकर्षण होंगे।
GVI NETWORK. दीपावली पर मेवाड़ को ऐतिहासिक पर्यटन की दिशा में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की शौर्यभूमि हल्दीघाटी में उनकी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही 168.39 करोड़ रुपए की लागत से भव्य महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से हल्दीघाटी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान सरकार ने इस महत्वाकांक्षी पर्यटन परियोजना के लिए पर्यटन विभाग, राजस्थान हेरिटेज अथॉरिटी और सार्वजनिक क्षेत्र की निर्माण कंपनी एनबीसीसी लिमिटेड के बीच समझौते की प्रक्रिया पूरी कर ली है। एनबीसीसी परियोजना की योजना बनाने से लेकर डिजाइन, निर्माण और परिसर के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
परियोजना की स्वीकृत लागत जीएसटी के बिना 168.39 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त कंपनी को वास्तविक निर्माण लागत का 4.25 प्रतिशत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी शुल्क दिया जाएगा।
चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की बनेगी विशाल प्रतिमा
हल्दीघाटी टूरिस्ट सर्किट का सबसे बड़ा आकर्षण महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा होगी। इसे दुनिया की सबसे ऊंची महाराणा प्रताप प्रतिमा के रूप में स्थापित करने की योजना है। प्रतिमा में महाराणा प्रताप को उनके स्वामिभक्त घोड़े चेतक पर सवार दर्शाया जाएगा।
परिसर में एक विश्वस्तरीय ऐतिहासिक संग्रहालय भी बनाया जाएगा। यहां महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, शौर्य और हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और महाराणा प्रताप के पराक्रम से परिचित कराना है।

प्रोजेक्शन शो में दिखेगा हल्दीघाटी युद्ध का इतिहास
परियोजना में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। हल्दीघाटी स्मारक पर अत्याधुनिक टोपोग्राफिकल प्रोजेक्शन शो विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से हल्दीघाटी युद्ध की प्रमुख घटनाओं, रणनीतिक संघर्ष और ऐतिहासिक महत्व को दृश्य माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
इस तकनीकी प्रस्तुति से पर्यटक युद्ध के ऐतिहासिक प्रसंगों को एक जीवंत अनुभव के रूप में देख सकेंगे। इससे हल्दीघाटी आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्ष को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

मेवाड़ के पर्यटन को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट को विश्वस्तरीय पर्यटन मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। विशाल प्रतिमा, ऐतिहासिक संग्रहालय और आधुनिक प्रोजेक्शन शो इस परिसर के प्रमुख आकर्षण होंगे।
परियोजना पूरी होने के बाद हल्दीघाटी को एक प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे मेवाड़ की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।