खिलौने बेचने वाला मुकेश है ‘Life Saviour’, अब तक कई जिंदगियां बचा चुका ये Real Life Hero, जानिए इसकी कहानी
फतहसागर की पाल पर खिलौने बेचने वाले Mukesh Vaishnav ने डूबती युवती को बचाने के लिए बिना देर किए झील में छलांग लगा दी। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार वे अब तक 7-8 लोगों की जान बचा चुके हैं।
जीवीआई नेटवर्क। फतहसागर की पाल पर रोज खिलौने बेचने वाला एक साधारण युवक उस दिन अचानक किसी परिवार के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी वजह बन गया। झील में एक युवती के डूबने की आवाज सुनते ही मुकेश वैष्णव ने न यह सोचा कि पानी कितना गहरा है, न अपनी जान की परवाह की। उन्होंने बस पानी में छलांग लगा दी और युवती को सुरक्षित किनारे तक ले आए।
मुकेश का काम खिलौने बेचना है, लेकिन फतहसागर की पाल पर उनकी पहचान अब इससे कहीं आगे बढ़ चुकी है। जानकारी के अनुसार, वे पिछले कुछ वर्षों में 7-8 लोगों को डूबने से बचा चुके हैं। उनका कहना है कि उन्हें तैरना आता है और जब भी किसी को झील में डूबता देखते हैं, वे मदद के लिए तुरंत पानी में उतर जाते हैं।

पर्यटकों ने देखा युवती को डूबते हुए
4 सितंबर को फतहसागर पाल के पास यह घटना हुई। रिपोर्ट के अनुसार, झरने की ओर पहली छतरी के पास कुछ पर्यटक मौजूद थे। उन्होंने युवती को पानी में जाते और डूबते देखा तो शोर मचाया।
मुकेश उस समय पास में ही खिलौने बेच रहे थे। शोर सुनकर उन्होंने झील की ओर देखा। युवती को डूबता देखकर उन्होंने एक पल भी गंवाए बिना पानी में छलांग लगा दी। संघर्ष करते हुए उन्होंने युवती को पकड़ा और तैरकर किनारे तक ले आए। इसके बाद वहां मौजूद ऑटो चालक और अन्य लोगों की मदद से युवती को पानी से बाहर निकाला गया।
पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, युवती उदयपुर के आदिवासी क्षेत्र की रहने वाली थी और मामला व्यक्तिगत संबंधों से जुड़ा बताया गया। पुलिस ने उसकी काउंसलिंग भी कराई।
खिलौनों के साथ रखते हैं टायर और रस्सी

मुकेश की कहानी का सबसे दिल छू लेने वाला पहलू यह है कि फतहसागर पर उनका रोजगार ही उन्हें अक्सर ऐसी परिस्थितियों का प्रत्यक्ष गवाह बनाता है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, पानी के पास लगातार रहने के कारण उन्होंने जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद के लिए टायर और रस्सी जैसी चीजें भी अपने पास रखना शुरू किया है। तैराकी आने के कारण वे कई बार डूबते लोगों तक पहुंच पाए हैं।
यानी जिस जगह पर दूसरे लोग तमाशबीन बनकर मदद का इंतजार करते हैं, वहां मुकेश कई बार खुद आगे बढ़े हैं।
बड़ा ओहदा नहीं, बड़ा दिल चाहिए
मुकेश की कहानी इसलिए खास है क्योंकि इसमें कोई बड़ा पद, बड़ी पहचान या बड़ी सुविधा नहीं है। वह रोज फतहसागर की पाल पर खिलौने बेचकर अपना जीवन चलाते हैं।
लेकिन किसी की जिंदगी बचाने के लिए उस पल उन्हें सिर्फ एक चीज की जरूरत थी—हिम्मत।
उनकी कहानी यह याद दिलाती है कि समाज में असली नायक हमेशा मंच पर नहीं मिलते। कई बार वे हमारे आसपास ही होते हैं—सड़क किनारे दुकान लगाने वाले, ऑटो चलाने वाले, मजदूर, दुकानदार या कोई सामान्य नागरिक—जो सही समय पर असाधारण फैसला ले लेता है।
फतहसागर झील सबसे ज्यादा पॉपुलर डेस्टिनेशन
उदयपुर की पहचान City of Lakes के रूप में है और फतहसागर शहर के सबसे लोकप्रिय जल पर्यटन स्थलों में से एक है। FatehSagar Lake Udaipur
इसी झील की पाल पर खिलौने बेचने वाले मुकेश अब उन लोगों के लिए याद किए जाते हैं जिनकी जिंदगी उन्होंने मुश्किल समय में बचाई। उनकी कहानी किसी पुरस्कार या सम्मान से ज्यादा इंसानियत की उस भावना की कहानी है, जिसमें किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए इंसान अपनी सुरक्षा की परवाह नहीं करता।
मुकेश के हाथों में रोज खिलौने होते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वही हाथ किसी की जिंदगी की डोर थाम लेते हैं।