न युद्ध का डर, न आपदा की चिंता... धरती के नीचे बस सकेगी इंसानों की पूरी दुनिया, Udaipur की चर्चिता का अनोखा कॉन्सेप्ट
उदयपुर की चर्चिका सोनी ने Underground Village का अनूठा कॉन्सेप्ट तैयार किया है। अहमदाबाद की नेशनल यूनिवर्सिटी की स्पेस डिजाइन छात्रा ने आपात स्थिति में सुरक्षित और सामान्य जीवन के लिए भूमिगत आवासीय समुदाय की कल्पना की है।
जीवीआई नेटवर्क। युद्ध जैसी स्थिति हो या जमीन के ऊपर आने वाली कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा, ऐसे संकट में अगर इंसानों को धरती के नीचे सुरक्षित और लंबे समय तक रहने की सुविधा मिल सके तो कैसा होगा? इसी विचार को Underground Village के कॉन्सेप्ट के रूप में तैयार किया है उदयपुर की बेटी चर्चिका सोनी ने।

अहमदाबाद की नेशनल यूनिवर्सिटी के स्पेस डिजाइन विभाग में अध्ययनरत चर्चिका ने जमीन के नीचे विकसित होने वाले ऐसे गांव की डिजाइन तैयार की है, जहां आपात स्थिति में लोगों को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि अपेक्षाकृत सामान्य जीवन जीने की सुविधाएं भी मिल सकें।
इस Underground Village में सुरक्षित रहने की जगह के साथ हरियाली, बाग, मनोरंजन क्षेत्र, सामाजिक मेल-जोल के स्थान और रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है। चर्चिका के अनुसार, लॉकडाउन और विभिन्न आपात परिस्थितियों के अनुभवों ने उन्हें यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि ऐसी जगह विकसित की जाए, जहां लोग लंबे समय तक सुरक्षित रहते हुए भी सामाजिक और सामान्य जीवन जारी रख सकें।
बंकर नहीं, रहने योग्य समुदाय की कल्पना
चर्चिका ने पारंपरिक बंकर या भूमिगत आश्रय की अवधारणा से आगे बढ़ते हुए इसे एक रहने योग्य समुदाय के रूप में डिजाइन करने का प्रयास किया है। डिजाइन में प्रकाश व्यवस्था, हरियाली, सुरंगों, युद्ध आश्रय और भूमिगत आश्रय जैसी संरचनाओं का अध्ययन कर उनके उपयोगी तत्वों को शामिल किया गया है।
प्रकाश और हरियाली पर खास जोर
भूमिगत वातावरण में प्राकृतिक रोशनी और खुलेपन की कमी को ध्यान में रखते हुए डिजाइन में प्रकाश व्यवस्था और हरियाली को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। चर्चिका ने दृश्य संपर्क और सामाजिक संवाद को भी डिजाइन का हिस्सा बनाया है, ताकि भूमिगत रहने वाले लोगों को अलगाव का अनुभव कम हो।

लॉकडाउन के अनुभव से मिला विचार
लॉकडाउन के दौरान लंबे समय तक घर के भीतर रहने और प्राकृतिक रोशनी से दूर रहने के अनुभव को भी चर्चिका ने अपने डिजाइन में शामिल किया। उनके अनुसार, लगातार कृत्रिम रोशनी और प्राकृतिक प्रकाश की कमी से होने वाली असहजता ने उन्हें भूमिगत संरचना में प्रकाश और खुलेपन को विशेष महत्व देने के लिए प्रेरित किया।
चर्चिका सोनी की यह परियोजना आर्किटेक्चर, स्पेस डिजाइन, तकनीक और आपदा प्रबंधन को एक साथ जोड़ते हुए भविष्य की आपातकालीन आवासीय संरचनाओं की संभावनाओं पर विचार प्रस्तुत करती है।